Sher Ki Kahaniyan ,  Lion Stories in Hindi , शेर कि कहानियां
Sher Ki Kahaniyan 

शेर की कहानियां | Lion Stories In Hindi - 

शेर जंगल का सबसे खतरनाक और सबसे बड़ा शिकारी है | अपनी ताकत और शाहस के कारण ही शेर को जंगल का राजा माना जाता है | यही कारण है की जितनी कहानियां शेर के बारे में कही और सुनी जाती हैं उतनी शायद ही किसी दूसरे जानवर के बारे में सुनाने में आती हों | हमनें बचपन से शेर की कहानियां सुनी और पढ़ी हैं | 

हाथी और शेर की कहानी |  Elephant And Lion Story In Hindi -

एक जंगल में एक शेर रहता था वह बड़ा घमंडी था | जंगल के सारे जानवर डर के कारण उससे थर-थर कांपते थे |एक दिन शेर जंगल की सैर पर निकला रास्ते में उसे एक खगोश मिला  | शेर ने खरगोश से पूछा – “ बतलाओ , जंगल का राजा कौन ? “

खरगोश डर से कांपते हुए बोला – “ महाराज ! आप | ”

शेर हँसते हुए आगे बढ़ गया | रास्ते में शेर को हिरण मिला | शेर ने हिरण से वही सवाल  किया  - “ बतलाओ , जंगल का राजा कौन ? ”

हिरण ने डरते हुए जबाव दिया – “ महाराज ! आपके आलावा और कौन हो सकता है |”

शेर हिरन की बात से बहुत खुश हुआ और फिर आगे बढ़ गया |”

रास्ते में शेर को भालू मिला | शेर ने फिर वही सवाल किया और शेर को फिर वही जबाव मिला | शेर बहुत खुश था और अपना रौब दिखलाता हुआ जा रहा था |

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 Lion Stories in Hindi 

रास्ते में जो भी जानवर मिलता उससे यही सवाल करता और अपना मनचाहा जबाव सुनकर खुश होता | उसी रास्ते से एक हाथी आ रहा था , तभी रास्ते में शेर को हाथी मिल गया | शेर ने हाथी से भी पूछा – “ बतलाओ , जंगल का राजा कौन ? ”

हाथी पहले से ही किसी बात पर गुस्से में था | शेर की बेतुकी बात सुनकर उसे और अधिक गुस्सा आ गया और हाथी ने अपनी सूंड में शेर को फंसाया और ऊपर उछाल कर पटक दिया | अब हाथी ने शेर से पूछा - “ अब बतलाऊँ , जंगल का राजा कौन |”

हाथी से पिटाई खाकर शेर को बहुत दर्द हो रहा था शेर बोला – “ नहीं हाथी भाई | मुझे अपनी ताकत का बहुत घमंड था | अब में समझ गया कि हर जगह अपनी हेकड़ी नहीं दिखाना चाहिए |”

शिक्षा – “ शेर और हाथी की इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि अपनी ताकत का घमण्ड कभी नहीं करना चाहिए | ”


शेर और मधुमक्खी की कहानी | Lion and Honey Bee Story In Hindi -

एक समय की बात है , एक जंगल में शक्तिशाली शेर रहता था | शेर की गुफा के पास ही मधुमक्खी का छाता था | मधुमक्खियाँ अक्सर शेर की गुफा के  पास चली जाती थीं और फूलों का रस लेकर वापस अपने छाते में आ जाती थीं |

शेर को मधुमक्खियों का इस प्रकार अपनी गुफा के पास आना पसंद नहीं था | एक दिन मधुमक्खीयों की रानी  शेर की गुफा के पास आ गई | मधुमक्खीयों की रानी आकार में साधारण मधुमक्खियों से थोड़ी सी बड़ी थी | मधुमक्खीयों की रानी को देखकर शेर बहुत नाराज हुआ और उसने जोर से आवाज देकर मधुमक्खीयों की रानी  को बुलाया और चिल्लाते हुए बोला – “ तुम लोग दिन भर मेरी गुफा के सामने मंडराते रहते हो  | अब अगर तुम या कोई भी मधुमक्खी मुझे दोबारा दिखे तो मैं तुम्हे मार डालूँगा |”

शेर की बात सुनकर मधुमक्खीयों की रानी  बोली- “ शेर महाराज ! मैं मधुमक्खीयों की रानी  हूँ | हम तो जंगल के फूलों का रस लेने आते हैं और फूलों का रस ले जाकर शहद बनाते हैं | इन फूलों पर तो सभी का हक है | “

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शेर कि कहानियां

मधुमक्खीयों की रानी की बात सुनकर शेर और नाराज हो गया और बोला –“ अरे तुम तो एक छाते में रहने वाली कुछ मधुमक्खियों की रानी हो और मैं इस पूरे जंगल का राजा हूँ | तुम जब भी आती हो तो मुझे प्रणाम किया करो | अन्यथा मैं तुमें मसल कर रख दूंगा |” 

शेर की इस तरह की बातें सुनकर मधुमक्खीयों की रानी अपने आप को अपमानित महसूस कर रही थी और अपने छाते में जाकर दूसरी मधुमक्खियों को पूरी बात बतलाई | अपनी रानी की इस बेज्जती से सभी मधुमक्खीयां बहुत अधिक क्रोधित हुईं और अब सभी मधुमक्खियाँ शेर से बदला लेना चाहती थी |

एक दिन जब शेर घूमते हुए मधुमक्खीयों के छाते के पास से गुजर रहा था तभी सभी मधुमक्खीयां शेर को काटने लगीं | मधुमक्खीयों के इस हमले से शेर दर्द से बुरी तरह चिल्लाने लगा पर मधुमक्खियों ने उसे नहीं छोड़ा |     

शेर समझ गया था कि मधुमक्खियाँ अपना बदला ले रही हैं | अब वह कसी भी तरह अपनी जान बचाना चाहता था | शेर वहां से भागता है परन्तु मधुमक्खीयों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा | शेर भागता-भागता एक नदी में कूद जाता है | शेर के नदी में कूदने की बाद ही मधुमक्खीयों ने उसका पीछा छोड़ा |

इस तरह शेर ने पानी में कूद कर अपनी जान बचाई और मधुमक्खीयों के डर से दुबारा अपनी गुफा में नहीं आया |

शिक्षा – “ शेर और मधुमक्खी की कहानी से हमें शिक्षा मिलती है संगठन में बहुत शक्ति होती है | संगठन की शक्ति से छोटे से छोटा जीव भी बड़े से बड़े जीव को भी हरा सकता है |”                                         

मूर्ख सियार और शेर की कहानी  | Lion and jackal story in hindi -

एक जंगल में एक सियार रहता था सियार बहुत दुबला पतला और कमजोर था | उस जंगल का राजा एक हष्ट-पुष्ट शेर था | शेर जब भी शिकार करता था सियार उसे देखता रहता था | एक दिन सियार हिम्मत करके शेर के पास जाता है और कहता है  - “ महाराज की जय है | महाराज आप दिन भर शिकार करके थक जाते होगे | मुझे अपनी सेवा में रख लीजिये | आपके जो भी छोटे-मोटे कार्य होंगे वो मैं कर दिया करूँगा |”

शेर ने सोचा – “ अच्छा है | मेरे कुछ कार्य भी कर देगा और जो बचेगा उसे खा कर इसका पेट भी भर जायेगा |”


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शेर की कहानियां

सियार अब शेर के सांथ रहने लगा और शेर का बचा शिकार खा-खा कर मौटा हो गया | शेर के सांथ रहने के कारण  जंगल के जानवर सियार को भी मान-सम्मान देनें लगे | सियार को लगने लगा कि शेर के सांथ रहकर उसने शिकार की सारी कलाएं सीख लीं हैं , उसका शरीर भी शेर के समान बलशाली हो गया है और जंगल के सारे जानवर उससे डरने लगे हैं |”

सियार भी कभी कभी छोटे जानवरों का शिकार कर लेता था | एक दिन जंगल में कहीं से जंगली भैसों का झुण्ड आया | सियार को लगा की वह भी जंगली भैंसे का शिकार कर सकता है |

शेर जंगली भैंसे के शिकार की तैयारी कर रहा था तभी सियार कहता  है – “ महाराज ! अब मैं भी आपके समान बलशाली और आपके जैसा शिकारी बन गया हूँ | इस बार जंगली भैंसे का शिकार मैं ही करूँगा | “

शेर ने सियार को समझाया कि भैंसे का शिकार करना उसके बस की बात नहीं है परन्तु सियार सोचने लगा की शेर उससे जलने लगा है | सियार ने भैंसे के शिकार का मन बना लिया और शिकार के लिए निकल गया |

जैसे ही जंगली भैंसे का झुण्ड आया सियार ने उस झुण्ड के एक भैंसे पर हमला कर दिया | जंगली भैंसे ने सियार पर अपने नुकीले सींगों से हमला कर दिया | हमले में सियार बुरी तरह से घायल हो गया |  शेर दूर से खड़ा होकर सब देख रहा था शेर को लगा की भैंसा अब सियार को मार डालेगा तब शेर ने जाकर सियार की जान बचाई |

अब सियार को समझ आ गया कि शेर-शेर ही रहता है और शियार-सियार | कभी भी अपनी औकात से बाहर जाकर कार्य नहीं करना चाहिए |

शिक्षा – “ शेर और सियार की कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि कभी भी झूठी बातों का घमंड नहीं करना चाहिए |"

 

लोमड़ी, गधे और शेर की कहानी  | Lion , Fox and donkey story - 

एक गधा था वह गाँव से भटककर  जंगल में पहुँच गया | उसी जंगल में एक लोमड़ी रहती थी उसने गधे को देखा और उससे दोस्ती करने का प्रस्ताव रखा | गधा भी जंगल में अकेला था उसे यह प्रस्ताव अच्छा लगा उसने झट से लोमड़ी से दोस्ती कर ली | गधा जंगल की घास खा-खा कर मोटा हो गया था |

एक बार उस जंगल में एक शेर आया वह गधे का शिकार करना चाहता था | सियार शेर के मन की बात समझा गया | सियार ने सोचा – “ अगर मैं इस गधे के शिकार में शेर की सहायता करूँ तो वह मुझे अपने सांथ रख लेगा और शेर जो भी शिकार करेगा उसके बचे हुए शिकार से मेरा पेट भर जाया करेगा | “

सियार शेर के पास गया और उसे प्रणाम करते हुए बोला –“ महाराज ! अगर आप मुझे अपना सेवक बना लें तो इस गधे के शिकार करने में मैं आपकी सहायता कर सकता हूँ |”

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  Lion Stories in Hindi

शेर ने सियार की बात मान ली | सियार ने एक गड्डा खोदकर उसे ढक दिया और वहाँ गधे को ले आया | गधा उस गड्डे में गिर गया |

सियार ने  गधे के गड्ढे में गिरने की बात शेर को बतलाई | शेर ने सोचा- “ जब यह सियार अपने मित्र से धोखा कर रहा है तो कल मुझसे भी धोका कर सकता है | गधा तो गड्डे में गिर गया है अब वह बाहर नहीं आ सकता उसका शिकार तो मैं कभी भी कर सकता हूँ |  अभी तो सियार मेरे सामने है पहले इसी का शिकार कर लेता हूँ |”

इतना सोचकर शेर ने पहले सियार को मारा और उसके बाद गधे का शिकार किया |

शिक्षा –“ शेर , गधा और सियार की कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि कभी भी गलत लोगों से मित्रता नहीं करना चाहिए |”

 

पिंजरा और शेर की कहानी | Cage and Lion -

एक बार उस गाँव में कहीं से एक शेर आ गया | शेर गाँव के जानवरों को मार का खा जाता था | गाँव वालों ने गाँव के पास एक पिंजरा लगाकर शेर को  पिंजरे में बंद कर दिया |

एक दिन एक पंडित जी तालाब से स्नान करके गाँव जा रहे थे | तभी शेर ने पंडित जी से पिंजरा खोलने की याचना की | पंडित जी ने कहा – “ अवश्य तुमने गाँव वालों को परेशान  किया होगा तभी तुम्हें इस पिंजरे  में बंद किया है  | अगर मैं तुम्हें खोल दूंगा तो तुम मुझे भी खा जाओगे |”

शेर ने वचन दिया कि यदि ब्राम्हण पिंजरा खोल देगा तो शेर उसे कुछ नहीं करेगा और जंगल चला जायेगा |

ब्राम्हण बहुत दयालु था और वह शेर की बातों में आ गया और ब्राम्हण ने  पिंजरा खोल दिया | जैसे ही ब्राम्हण ने पिंजरा खोला वैसे ही शेर ने उसे दबोच लिया |

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Sher Pinjra aur Bramhin ki kahani 

ब्राम्हण बोला – “ शेर ! तुम तो जंगल के राजा हो और मैंने तुम्हारी सहायता की है | तुमने  मुझे वचन भी दिया था कि  तुम मुझे नहीं खाओगे |”

शेर बोला –“ मैं तो जंगली जानवर हूँ मैं ये वचन का पालन नहीं कर सकता,  मुझे जोरों की भूख लगी है और मैं तुम्हें खा कर अपनी भूख मिटाऊंगा |”

वहीँ पास में एक पेड़ पर एक बन्दर बैठा था | ब्राम्हण ने बन्दर को पूरा किस्सा सुनाया | ब्राम्हण की बात सुनकर बन्दर बोला –“ ब्राम्हण महाराज ! शेर तो इतना बड़ा है और पिंजरा इतना छोटा | शेर इसमें  बंद नहीं हो सकता |”

 बन्दर की बात सुनकर शेर बोला – “ मूर्ख बन्दर ! इन इंसानों ने मुझे इसी पिंजरे मेंबंद किया था |”

बन्दर बोला- “ मैं मान ही नहीं सकता | जब तक आप इस पिंजरे में जा कर नहीं दिखलायेंगे , मैं कैसे मान लूँ आपको कोई इतने छोटे पिंजरे में बंद कर सकता है |

बंदर के कहने पर शेर पिंजरे में चला जाता है | जैसे ही शेर पिंजरे में गया बन्दर ने  बाहर से पिंजरा बंद कर देता है | इस प्रकार दुष्ट शेर फिर से पिंजरे में बंद हो जाता है और बन्दर की चतुराई  से ब्राम्हण की जान बच जाती है |

शिक्षा – शेर , पिंजरा और ब्राम्हण की कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि दुष्टों की बात पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए | ”